Monthly Archives: June 2017

​रहमत नहीं बक्शी ख़ुदा ने 

शहादत का फरमान है 

मेरे इरादे से डगमग

क्यूँ तेरा ईमान है?
हम तीर हैं 

सीना तेरा चीर देंगे….

बहुत सोच है तेरी आंखों में….

दिल निकाल कर दिल से ही पूछ लेंगे….

कच्चे हैं खिलाड़ी मगर…

निशानेबाज़ पक्के हैं….

जो चाहिए किस्मत से छीन लेंगे।